CUET UG 2026 | रिकॉर्ड 14.92 लाख आवेदन, 4 विषयों की पसंद बनी ट्रेंड, इंग्लिश में कड़ी टक्कर के संकेत

CUET UG 2026 ने इस बार ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसने न सिर्फ परीक्षा प्रणाली से जुड़े अधिकारियों को बल्कि छात्रों और अभिभावकों को भी चौंका दिया है। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) के पांचवें संस्करण में अब तक के सबसे ज्यादा आवेदन दर्ज किए गए हैं। कुल 14,92,764 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया है, जो पिछले साल की तुलना में 1.38 लाख ज्यादा है। यह आंकड़ा साफ संकेत देता है कि देशभर में CUET को लेकर छात्रों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

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इस बार का एक बड़ा ट्रेंड यह भी है कि बड़ी संख्या में छात्रों ने 4 विषयों को चुना है, जबकि इंग्लिश विषय में रिकॉर्ड आवेदन के चलते मुकाबला और कठिन होने की संभावना जताई जा रही है।

CUET UG 2026 में आवेदन का नया रिकॉर्ड क्यों अहम है

CUET UG 2026 में हुए रिकॉर्ड आवेदन केवल एक संख्या नहीं हैं, बल्कि यह भारत की बदलती उच्च शिक्षा प्रणाली की तस्वीर भी दिखाते हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार, इस बार छात्रों को रजिस्ट्रेशन से पहले ही विस्तृत जानकारी और गाइडेंस दी गई थी। आवेदन प्रक्रिया के दौरान भी स्टूडेंट सपोर्ट सिस्टम मजबूत रखा गया। इसका नतीजा यह रहा कि गलतियां कम हुईं और ज्यादा छात्र आत्मविश्वास के साथ फॉर्म भर पाए।

2025 में जहां 13,54,699 छात्रों ने आवेदन किया था, वहीं 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 14.92 लाख पहुंच गया। CUET अब केवल एक एंट्रेंस एग्जाम नहीं रहा, बल्कि यह देश की प्रमुख यूनिवर्सिटीज में एडमिशन का सबसे भरोसेमंद जरिया बन चुका है। यही वजह है कि हर साल आवेदन की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। यह ट्रेंड आने वाले वर्षों में भी जारी रहने की उम्मीद है।

यूपी, दिल्ली और बिहार आगे, पांच राज्यों से 55 प्रतिशत आवेदन

CUET UG 2026 के आंकड़ों में राज्यों की भागीदारी भी बेहद दिलचस्प है। उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा करीब 3.70 लाख आवेदन हुए हैं। इसके बाद दिल्ली (1.39 लाख), बिहार (1.34 लाख), मध्य प्रदेश (93 हजार से ज्यादा) और राजस्थान (करीब 89 हजार) का नंबर आता है।
इन पांच राज्यों से ही कुल आवेदनों का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा आता है।

हालांकि CUET की पहुंच सिर्फ इन राज्यों तक सीमित नहीं है। देश के 38 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से छात्रों ने आवेदन किया है। हरियाणा, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों से भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली है। यह दिखाता है कि CUET अब एक truly national-level exam बन चुका है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी की डिमांड और बढ़ती यूनिवर्सिटीज की संख्या

CUET UG 2026 के जरिए सबसे ज्यादा आकर्षण अब भी दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) को लेकर देखा जा रहा है। चाहे छात्र यूपी का हो, बिहार का हो या फिर साउथ इंडिया से, बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का लक्ष्य DU में एडमिशन लेना है।
दिलचस्प बात यह है कि नॉर्थ ईस्ट राज्यों से भी छात्रों की भागीदारी बढ़ी है, जो पहले अपेक्षाकृत कम मानी जाती थी।

इसके साथ ही CUET स्कोर को मानने वाली यूनिवर्सिटीज की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। अभी तक 236 यूनिवर्सिटीज ने NTA को यह जानकारी दी है कि वे CUET स्कोर के आधार पर दाखिला देंगी। माना जा रहा है कि यह संख्या आगे और बढ़ सकती है। इससे CUET की अहमियत और भी ज्यादा मजबूत होती दिख रही है।

2022 से 2026 तक CUET का बदला हुआ पैटर्न

CUET का पैटर्न समय के साथ लगातार बदला है, ताकि परीक्षा को ज्यादा स्टूडेंट-फ्रेंडली बनाया जा सके।

  • 2022 में CUET की शुरुआत CBT मोड में हुई और छात्रों को 9 विषय चुनने का विकल्प मिला।
  • 2023 में विषयों की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई।
  • 2024 में परीक्षा को हाइब्रिड मोड में लाया गया और 6 विषय चुनने का मौका दिया गया।
  • 2025 में फिर से पूरी परीक्षा CBT मोड में हुई और विषय घटाकर 5 कर दिए गए।
  • 2026 में भी छात्र अधिकतम 5 विषय चुन सकते हैं।

यह बदलाव दिखाते हैं कि NTA लगातार फीडबैक के आधार पर परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है।

4 विषयों का ट्रेंड और जनरल टेस्ट की भूमिका

CUET UG 2026 में एक नया ट्रेंड सामने आया है। बड़ी संख्या में छात्रों ने 4 विषयों को चुनना ज्यादा सुरक्षित और स्मार्ट ऑप्शन माना है।
सूत्रों के अनुसार, जिन छात्रों ने 5 विषय चुने हैं, उनमें से ज्यादातर ने जनरल टेस्ट को शामिल किया है। जनरल टेस्ट के लिए 8.84 लाख आवेदन आए हैं।

यह ट्रेंड इस बात का संकेत है कि छात्र अब ज्यादा क्लियर हैं कि उन्हें किस कोर्स में एडमिशन चाहिए। उसी के हिसाब से वे विषय चुन रहे हैं, ताकि तैयारी बेहतर हो और स्कोर भी मजबूत आए।

इंग्लिश में सबसे ज्यादा आवेदन, बढ़ सकता है मुकाबला

CUET UG 2026 में सबसे ज्यादा आवेदन इंग्लिश विषय के लिए आए हैं। करीब 12.43 लाख छात्रों ने इंग्लिश को चुना है।
यही वजह है कि माना जा रहा है कि इंग्लिश में मुकाबला इस बार काफी कड़ा होगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी समेत कई यूनिवर्सिटीज में एडमिशन फॉर्मूले के तहत एक भाषा विषय के मार्क्स को खास महत्व दिया जाता है।

इसके अलावा,

  • केमिस्ट्री: 9.23 लाख आवेदन
  • फिजिक्स: 8.86 लाख आवेदन
  • मैथमैटिक्स: 5.69 लाख आवेदन

इन आंकड़ों से साफ है कि साइंस और लैंग्वेज सब्जेक्ट्स में प्रतिस्पर्धा बेहद तीखी होने वाली है।

CUET UG 2026 की तैयारी: NCERT और स्मार्ट प्लानिंग सबसे जरूरी

CUET UG 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सबसे अहम बात यह है कि वे NTA की वेबसाइट पर जारी सिलेबस को ही आधार बनाएं। सभी विषयों का सिलेबस पहले ही अपलोड किया जा चुका है।
खास बात यह है कि CUET का सिलेबस पूरी तरह से NCERT की किताबों पर आधारित है। ऐसे में बिना कोचिंग के भी, अगर छात्र सही रणनीति और नियमित पढ़ाई करें, तो अच्छा स्कोर हासिल किया जा सकता है।

NTA की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि इस बार रिजल्ट जल्दी जारी करने की दिशा में काम किया जा रहा है, ताकि एडमिशन प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

Disclaimer

यह लेख विभिन्न आधिकारिक बयानों, मीडिया रिपोर्ट्स और उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है। CUET UG 2026 से जुड़ी किसी भी अंतिम या आधिकारिक जानकारी के लिए उम्मीदवारों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित यूनिवर्सिटी की अधिसूचनाओं को ही अंतिम रूप से मानना चाहिए।

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