Fertiliser stocks rally : भारत के शेयर बाजार में मंगलवार, 10 मार्च 2026 को fertiliser sector ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया। Chambal Fertilisers, Rashtriya Chemicals and Fertilisers (RCF), Fertilisers and Chemicals Travancore (FACT) और Deepak Fertilisers जैसे प्रमुख शेयरों में एक ही दिन में 5% से लेकर करीब 19% तक की तेजी देखने को मिली।
इस अचानक आई तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण सरकार का नया आदेश Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 है। सरकार ने यह फैसला वैश्विक संकट और Middle East में बढ़ते तनाव के बीच लिया है, ताकि देश के जरूरी सेक्टरों को गैस की सप्लाई प्रभावित न हो।
दरअसल, fertiliser कंपनियों के लिए natural gas सिर्फ ईंधन नहीं बल्कि production का सबसे अहम raw material है। जब सरकार ने fertiliser सेक्टर को गैस सप्लाई में प्राथमिकता दी, तो निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा और शेयरों में खरीदारी का माहौल बन गया।
यह खबर सिर्फ शेयर बाजार की हलचल नहीं है। इसका सीधा असर खेती, उर्वरक उत्पादन और देश की खाद्य सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
Global Gas Crisis से कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
मार्च 2026 की शुरुआत में Middle East में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के energy market को हिला दिया। खबरें आईं कि QatarEnergy को अपने Ras Laffan LNG facility पर हमलों के बाद force majeure घोषित करना पड़ा।
भारत के लिए यह स्थिति बेहद संवेदनशील है क्योंकि देश की LNG import का बड़ा हिस्सा कतर से आता है। भारत हर साल लगभग 10–11 million tonnes LNG आयात करता है, जिसमें करीब आधा हिस्सा कतर से आता है।
इसी दौरान Strait of Hormuz में भी अस्थायी बंदी की खबरें सामने आईं। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy shipping routes में से एक है। भारत के कई LNG और LPG shipments इसी रास्ते से आते हैं।
इस संकट का असर तुरंत दिखाई देने लगा। कई कंपनियों को मिलने वाली Regasified LNG (RLNG) की सप्लाई घट गई। उदाहरण के लिए Gujarat Narmada Valley Fertilisers (GNFC) को 6 मार्च के बाद सिर्फ 60% गैस ही मिल पाई।
स्पॉट LNG कीमतें भी तेजी से बढ़ने लगीं। इससे गैस पर निर्भर उद्योगों की लागत बढ़ने का खतरा पैदा हो गया। कई कंपनियों ने उत्पादन में कटौती की चेतावनी भी दी।
यही वह स्थिति थी जिसने सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर कर दिया।
Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 क्या है
बढ़ते संकट को देखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने 10 मार्च 2026 को एक बड़ा कदम उठाया। सरकार ने Essential Commodities Act, 1955 की धारा 3 का उपयोग करते हुए Natural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 जारी किया।
इस आदेश का उद्देश्य देश में natural gas की आपूर्ति को नियंत्रित करना और जरूरी सेक्टरों को प्राथमिकता देना है।
सरकार ने गैस उपयोग करने वाले सेक्टरों को दो श्रेणियों में बांटा है।
Priority Sector I में शामिल हैं:
- Domestic PNG
- Transport के लिए CNG
- LPG production
- Fertiliser industry
इन सेक्टरों को पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर लगभग 100% गैस सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी, यदि उपलब्धता बनी रहती है।
इसके विपरीत non-priority sectors जैसे petrochemicals और power plants को गैस सप्लाई में कटौती झेलनी पड़ सकती है। कुछ मामलों में सप्लाई 65% तक सीमित की जा सकती है।
सरकार ने Petroleum Planning & Analysis Cell (PPAC) को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी दी है। कंपनियों को रोजाना अपनी गैस स्टॉक और उपयोग की रिपोर्ट देनी होगी।
यह कदम बाजार को यह संकेत देता है कि सरकार जरूरी उद्योगों को बचाने के लिए सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रही है।
Fertiliser Industry के लिए Natural Gas क्यों है इतना जरूरी
भारत में fertiliser उत्पादन का सबसे महत्वपूर्ण आधार natural gas है। खासकर urea production में इसका उपयोग feedstock और fuel दोनों के रूप में किया जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार urea बनाने की कुल लागत का लगभग 70–80% हिस्सा natural gas पर निर्भर होता है। इसलिए गैस की कीमत या उपलब्धता में थोड़ा सा बदलाव भी कंपनियों की profitability पर बड़ा असर डाल सकता है।
भारत हर साल लगभग 30 million tonnes urea का उत्पादन करता है। देश में उर्वरक की मांग 45 से 50 million tonnes तक पहुंच जाती है।
सरकार किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए उर्वरक पर भारी subsidy भी देती है। वित्त वर्ष 2026-27 में उर्वरक subsidy लगभग Rs 1.168 trillion रहने का अनुमान है।
अगर गैस सप्लाई बाधित हो जाती तो कई fertiliser plants को उत्पादन रोकना पड़ सकता था। इससे खेती के मौसम में खाद की कमी पैदा हो सकती थी।
सरकार के नए आदेश से कंपनियों को स्थिर गैस सप्लाई मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इससे उत्पादन जारी रखने में मदद मिलेगी और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
Stock Market में Fertiliser Shares क्यों दौड़े
सरकार के इस फैसले के बाद शेयर बाजार में fertiliser stocks में जोरदार तेजी देखने को मिली। कई कंपनियों के शेयरों में एक ही दिन में double digit उछाल दर्ज किया गया।
FACT (Fertilisers and Chemicals Travancore) के शेयर में लगभग 19% तक की तेजी आई।
RCF (Rashtriya Chemicals and Fertilisers) में करीब 11–18% तक उछाल देखा गया।
Deepak Fertilisers के शेयर में 5–11% की तेजी आई।
Chambal Fertilisers लगभग 5% ऊपर चढ़ गया।
इसके अलावा National Fertilisers, Zuari Agro और GSFC जैसे शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को लगा कि अगर fertiliser कंपनियों को गैस सप्लाई सुरक्षित मिलती है तो उनकी production capacity और margins बेहतर रहेंगे।
RCF का market capitalization इस तेजी के बाद करीब Rs 7,500 crore के आसपास पहुंच गया। कंपनी में promoter holding लगभग 75% है, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ।
इस तेजी ने यह भी दिखाया कि energy security से जुड़े फैसले शेयर बाजार पर कितना बड़ा असर डाल सकते हैं।
आगे Fertiliser Sector के लिए क्या हो सकता है
आने वाले महीनों में fertiliser sector की दिशा कई कारकों पर निर्भर करेगी। सबसे बड़ा कारक Middle East की geopolitical situation है। अगर Strait of Hormuz या LNG supply routes में समस्या बनी रहती है तो गैस कीमतों में और उतार-चढ़ाव आ सकता है।
हालांकि सरकार का नया regulation fertiliser कंपनियों को short term में सुरक्षा देता है। इससे FY26 की चौथी तिमाही के नतीजों में सुधार देखने को मिल सकता है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर गैस सप्लाई स्थिर रहती है तो fertiliser कंपनियों की valuations में 10–20% तक सुधार हो सकता है।
लंबी अवधि में भारत LNG imports पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है। KG Basin production, renewable energy और green hydrogen जैसे विकल्पों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इसके बावजूद fertiliser sector भारत की food security से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार इस उद्योग को भविष्य में भी policy support देती रहेगी।
निवेशकों को PPAC द्वारा जारी गैस allocation data, global LNG prices और subsidy policy जैसे संकेतकों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और समाचार उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
